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Tuesday, 30 August 2022

मक्की की रोटी बनाने की आसान विधि

 MAKKI KI ROTI

मक्की की रोटी  पंजाब और राजस्थान मे सर्दी के मौसम मे खाई जाती है। इसमे फाइबर की मात्र अधिक होने से यह रोटी  healthy food मे आती हे। 


  मक्की की रोटी की रेसिपी:

  • मक्के का आटा -----2 CUP     
  • पानी  ----- आटा गूथने के लिए 
  • नमक -----स्वाद अनुसार
  • गेहूं का आटा ------डस्टिंग के लिए
  • घी ---- रोटी पर लगाने के लिए
 
मक्की  की रोटी बनाने के लिए 

सबसे पहले एक बर्तन मे पानी को हल्का गरम करेंगे । एक बाउल मे मक्के का आटा लेंगे फिर उसमे स्वाद अनुसार नमक मिक्स करगे । फिर हल्के गरम पानी से आटा को गूथ लेंगे और थोड़ी देर  ढक कर रख देंगे ।

अब आटे की लोई बना कर चकले पर प्लास्टिक रख कर रोटी बेल देंगे और तवा को हल्का गरम करके  उस पर रोटी को सेक देंगे और रोटी पर घी लगा कर गरमागरम सर्व करेंगे ।



tag #मक्की की रोटी ,#makkikiroti

Tuesday, 23 August 2022

मिट्टी के बर्तन को केसे साफ करे

मिट्टी के बर्तन को केसे साफ करे


 मिट्टी के बर्तनों को साफ करने का आसान तरीका

घर पर मिट्टी के बर्तनों का करती हैं खाना पकाने में इस्‍तेमाल करती हैं तो उन्‍हें साफ करने के आसान टिप्‍स जानें। 
खाना पकाने के लिए बाजार में तरह-तरह के बर्तन आते हैं। इनमें से मिट्टी के बर्तनों का चलन आजकल काफी देखा जा रहा है। 

 यह बर्तन ईको-फ्रेंडली होते हैं और इनमें पका हुआ भोजन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। साथ ही मिट्टी के बर्तनों में पके हुए भोजन का स्‍वाद भी बहुत अच्‍छा होता है। 

आजकल बाजार में आपको कई अच्‍छे और बड़े ब्रांड्स में डिजाइनर मिट्टी के बर्तन मिल जाएंगे, जिनमें आप खाना पका सकती हैं। यह बर्तन थोड़े महंगे आते हैं। दरअसल, मिट्टी के बर्तनों को एक से अधिक बार इस्‍तेमाल किया जा सके इसके लिए उनमें विशेष कोटिंग की जाती है। 

इसलिए मिट्टी के बर्तनों में यदि आप खाना पकाते  हैं तो उसका रख-रखाव और उसे साफ करने का तरीका भी उचित होना चाहिए। खासतौर पर मिट्टी के बर्तनों को आप स्‍टील के बर्तनों की तरह साफ नहीं कर सकती हैं। इन्‍हें साफ करने का तरीका अलग होता है। 

चलिए आज हम आपको बताते हैं कि मिट्टी के बर्तनों को धोने का सही तरीका क्‍या होता है। 

मिट्टी के बर्तन साफ करने का तरीका 

  • 1. गरम पानी से साफ करें ।  
  • 2.  खाने की महक नींबू से जाएगी। 
  • 3. बेकिंग सोडा और नमक से छुड़ाएं दाग-धब्‍बे। 
  • धोने के बाद धूप में सुखाये । 

1. गरम पानी से साफ करें  

मिट्टी के बर्तनों को साफ करने के लिए आप डिशवॉशिंग सोप और डिटर्जेंट का इस्‍तेमाल नहीं कर सकती हैं। यदि आप ऐसा करती हैं तो साबुन मिट्टी के बर्तन के पोर्स में घुस जाएगा और इसके बाद वह बर्तन इस्‍तेमाल करने लायक नहीं बचेगा। मगर मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने के बाद उसे धोना बेहद जरूरी है। इसलिए आप मिट्टी के बर्तन में आधे से भी कम मात्रा में पानी भरें और उसे गैस पर गरम करें। ध्‍यान रखें कि आपको पानी उबालना नहीं है। पानी इतना गरम हो कि उसे हाथ से टच किया जा सके। जब पानी गरम हो जाए तो मिट्टी के बर्तन को सॉफ्ट डिशवॉशिंग स्‍क्रब की मदद से साफ करें।यदि आप हार्ड स्‍क्रब का इस्‍तेमाल करेंगी तो आपके मिट्टी के बर्तन में स्‍क्रैच आ सकते हैं। स्‍क्रब से मिट्टी के बर्तन को साफ करने के बाद उसे साफ पानी से धो लें और फिर धूप में सुखा लें।

2.नींबू का इस्‍तेमाल करें 

अगर आपने मिट्टी के बर्तन में कोई मसालेदार व्‍यंजन पकाया है तो बर्तन में से मसालों की महक आती है। यह महक साधारण पानी से नहीं जाएगी। इसके लिए आपको मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर उसमें नींबू का रस और छिलका दोनों डालना होगा और पानी को हल्‍का उबाल आने तक गरम करना होगा। इसके बाद आप सॉफ्ट स्‍क्रब से मिट्टी के बर्तन को साफ कर सकती हैं। इससे आपके मिट्टी के बर्तन से आ रही मसालों की महक गायब हो जाएगी। 

3. बेकिंग सोडा और नमक से साफ करें 

 अगर आप गैस पर मिट्टी का बर्तन रख कर भोजन बनाएँगे  तो वह निश्चित रूप से काला पड़ सकता है। मिट्टी के बर्तन में मसालों के दाग भी लग सकते हैं। मिट्टी के बर्तन पर लगे जले और मसालों के दाग छुड़ाने के लिए आपको इन बर्तनों को बेकिंग सोडा और नमक से साफ करना चाहिए। इसके लिए पानी को मिट्टी के बर्तन में भरें और उसमें 1 चम्‍मच बेकिंग सोडा डाल दें। इसके बाद स्‍क्रब में नमक लगाएं और उससे जहां दाग लगे हैं उसे रगड़ें। ध्‍यान रखे आपको हल्‍के हाथों से ही रगड़ना है। हो सकता है, दाग एक बार में पूरी तरह से न जाए, मगर नियमित रूप से खाना पकाने के बाद आप तुरंत मिट्टी के बर्तनों साफ कर देंगी तो इन दाग-धब्‍बों से आपको छुटकारा मिल जाएगा। 

4. धूप में सुखाये 

मिट्टी के बर्तनो को धोने के बाद धूप मे सूखने के लिए रख दे इससे बर्तन अच्छे से सूख जाएंगे और मसालो की महक भी चली जाएगी । इस तरह से मिट्टी के बर्तन को फिर से इस्तेमाल करने के लिए तैयार कर सकते है । 



मिट्टी के बर्तन से बना खाना सेहत के लिये फायदेमंद

 

मिट्टी के बर्तन से बना खाना सेहत के लिये फायदेमंद

 

मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से
 खाने मे मिनरल्‍स, विटामिन्‍स और प्रोटीन की मात्रा सही रहती हे। 

आजकल रोटी बनाने के लिए हर कोई लोहे या नॉन स्टिक तवे का इस्‍तेमाल करता है। आज की  लाइफस्‍टाइल मे  मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल चलन से कम हो गया है, लेकिन पुराने समय में इसका बहुत  महत्व था और महिलाएं मिट्टी के बर्तन में ही खाना बनाते थे। इसलिए लोग पहले बीमार भी कम पड़ते थे। क्‍या आप जानते हैं कि मिट्टी के बर्तनों में बना खाना हेल्‍थ के लिए बहुत अच्‍छा होता है। इन फायदों को देखते हुए आजकल दोबारा से मिट्टी के बर्तनों का चलन आ गया है। महिलाएं खाना बनाने से लेकर खाना खाने तक और पानी के लिए भी मिट्टी के बर्तनों का इस्‍तेमाल करती हैं। आज हम आपको मिट्टी के बर्तनों में खाना खाने के फायदों के बारे में बता रहे हैं।


हेल्‍थ सही रहती है

अगर आपको पूरी लाइफ हेल्‍दी रहना हैं तो प्रेशर कुकर की बजाय मिट्टी के हांडी में खाना बनाकर खाना चाहिए। जी हां हमारी बॉडी को रोजाना 18 प्रकार के सूक्षम पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जो मिट्टी के बर्तनों में बने खाने से आसानी से मिल जाती है। इन सूक्ष्म पोषक तत्वों में कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, सल्‍फर, आयरन, सिलिकॉन, कोबाल्ट, जिप्सम आदि शामिल होते हैं। वहीं प्रेशर कुकर से बने भोजन में इन सारे पोषक-तत्वों नष्‍ट हो जाते है। इसलिए मिट्टी के ही बर्तन में खाना बनाना चाहिए।

कब्ज से राहत मिलती है

आज के समय में बहुत से लोगों को कब्ज की समस्या हो जाती है। आजकल के समय में दिनभर बैठे बैठे कम करते रहने से गैस की समस्या हो जाती है, इसलिए आपको मिट्टी के तवे की रोटी खानी चाहिए। अगर आप मिट्टी के तवे की रोटी खाती हैं तो आपको कब्ज की समस्या में राहत मिलती है।


भोजन स्‍वादिष्‍ट बनता है 

मिट्टी के बर्तन में खाना टेस्‍टी भी बनता है। क्योंकि इसमें बने खाने में मिट्टी की सौंधी-सौंधी खुशबू आती है जो आपको एक अलग स्वाद का अनुभव देती है। जी हां आटा मिट्टी के तत्वों को अवशोषित कर लेता है और इसकी वजह से इसकी पौष्टिकता बढ़ जाती है। साथ ही इसमें प्रोटीन की भरपूर मात्रा में होता है जो आपके शरीर को बीमारियों से बचाता है। इसलिए कम से कम दाल और रोटी तो मिट्टी के बर्तन में जरूर बनाकर खाएं।

माइक्रो न्यूट्रिएंट्स खत्‍म नहीं होते

मिट्टी के बर्तन में बनी दाल और सब्जी में 100 प्रतिशत माइक्रो न्यूट्रीएंट्स रहते हैं जबकि, प्रेशर कुकर में बनी दाल और सब्जी के 87 प्रतिशत पोषक तत्व एल्युमिनियम के पोषक-तत्वों द्वारा अवशोषित कर लिये जाते हैं। इसलिए अब डाइटिशियन और न्यूट्रिशियन भी मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने की सलाह देने लगे हैँ। साथ ही मिट्टी के तवे में रोटी बनाने से उसके पौष्टिक तत्व खत्म नहीं होते है।

tag #मिट्टी के बर्तन

Monday, 22 August 2022

RAJGIRA KA HALWA

 RAJGIRA KA HALWA , राजगीरा का हलवा 

राजगीरा बहुत ही healthy होता है, यह gluten free होता है । भारत मे इसे व्रत मे खाया जाता है ।

राजगीरे के आते से बहुत सी रेसिपी बनाई जाती है , ऐसी ही मीठी रेसिपी आज बनाते हे राजगीरा का हलवा 

Rajgira/राजगीरा का हलवा बनाने की रेसिपी:

  • राजगीरे का आटा ---- 1 कप
  • घी ---- 1/2 कप
  • चीनी ---- 1/2 कप 
  • काजू ---- 5-7
  • बादाम ---- 5-7 
  • किसमिस -----7-8
  • इलायची पाउडर ----1/2 चोटी चम्मच
  • पानी ---- 1 से 1/2 कप 

राजगीरा का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई मे  थोड़ा सा घी गरम करेंगे फिर उसमे काजू, किसमिस, बादाम को हल्का सेक लेंगे और दूसरे बर्तन मे निकाल लेंगे । अब कढ़ाई में बाकी के घी को डाल कर गरम करेंगे।  फिर उसमे राजगीरे का आटा डाल कर हल्का भूरा होने तक सेक लेंगे ।

अब कढ़ाई मे धीरे धीरे पानी को डालते हुए मिश्रण को मिलाएंगे, ताकि घोल मे गाँठ न रहे । गेस को कम आंच करके घोल को मिलाते रहेंगे जब तक घी न छोड़ दे। जब मिश्रण गाड़ा हो जाए और घी अलग दिखने लगे तो उसमे चीनी मिला दे और भुने हुए काजू,किसमिस,और बादाम के टुकड़ों को मिला दे । मिश्रण को चीनी घुलने के बाद  तब तक मिलाते रहे जब तक हलवा घी छोड़ दे। 

हमारा राजगीरा का हलवा  तैयार है ड्राइफ्रूइट्स से सजा कर गरमागरम सर्व करे ।


#राजगीरा का हलवा , #rajgeera ka halwa


Saturday, 20 August 2022

MILLET IN HINDI

 MILLET IN HINDI

मिलेट  '' मोटा अनाज '' यानि कि ज्वार , बाजरा , कोदो , रागी , जौ, रामदाना , ,मक्का , Quinoa  


  हम केवल गेहूं , चावल , मक्का तक ही रोज की खाने मे खाते है। लेकिन आजकल डॉक्टर  इसे खाने को कह रहे हैं । बाहर के देशो मे आज भी मिललेट्स को खाया जाता है।

Millets शरीर में बड़े धीरे से glucose में परिवर्तित होते हैं जिससे ये diabetic रोगियों के लिए वरदान हैं .
सामा के चावल जो हम नवरात्रों में खाते है उसे little millet कहते हैं .  Super Food के नाम से पहचाना जाता है।  अभी भारत सरकार ने ही UN में प्रस्ताव रखा है कि millets को worldwide '' Nutri Seed ' का नाम दिया जाये और इसे promote किया जाये क्योंकि इसके लाभ बहुत हैं। 

अलग अलग अनाज खाने से कभी विटामिन , iron की कमी को पूरा किया जा सकता है। 

इन्हें पकाते समय बस एक बात का ध्यान रखें कि इन्हें कम से कम तीन घंटे भिगोने के बाद पकाए। 
बाकि जैसे आप सादा चावल , खिचड़ी या चावल का पुलाव बनाते है , वैसे ही बनाना है . जितना मिलेट  हो उससे दुगुना पानी के साथ पकाना है . देसी घी ज़रूर डालें ताकि खाने में नर्म रहें .

Millets का डोसा , इडली , उत्तपम भी बहुत स्वादिष्ट बनते हैं । 

बाज़ार में इन अंग्रेजी नाम से उपलब्ध है . Online भी आसानी से मिलते हैं --

  • Pearl millet : Bajra , बाजरा
  • Great millet : Sorghum , ज्वार, ज्वारी
  • Foxtail millet : कांगणी
  • Finger millet : Ragi , रागी , नाचणी , मांडुवा
  • Little millet : कुटकी . समा , स्वांक
  • Amaranth : Ramdana . रामदाना
  • Kodo millet : Kodru, कोद्रा, कद्रु , कोदो
  • Proso Millet : बर्री
  • Quinoa : इसे हिंदी में भी quinoa ही कहते हैं .


MILLETS के फायदे:
  • बाजरा एंटी एसिडिक होते हैं। 
  • बाजरा gluten free होते हैं। 
  • बाजरा शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है। 
  • बाजरा में नियासिन (विटामिन बी3) कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकता है। 
  • ब्रेस्ट कैंसर से बचाता है। 
  • टाइप 2 मधुमेह को रोकने में मदद करता है। 
  • रक्तचाप को कम करने में कारगर
  • दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करता है । 
  • अस्थमा जैसी श्वसन स्थितियों के उपचार में सहायक
  • गुर्दे, यकृत और प्रतिरक्षा प्रणाली के स्वास्थ्य को अनुकूलित करने में मदद करता है। 
  • गैस्ट्रिक अल्सर या पेट के कैंसर जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्थितियों के जोखिम को कम करता है। 
  • कब्ज, अतिरिक्त गैस, सूजन और ऐंठन जैसी समस्याओं को दूर करता है। 
  • बाजरा आपके आंतरिक पारिस्थितिकी तंत्र में प्रीबायोटिक फीडिंग माइक्रोफ्लोरा के रूप में कार्य करता है।
सबसे बढ़िया बात है कि इन्हें उगाने में पानी बहुत ही कम प्रयोग होता है .
धरती के लिए , किसान के लिए और हम सभी के लिए मोटा अनाज यानि millets वरदान हैं । 


tag #मिलेट इन हिन्दी , #millet

Friday, 19 August 2022

AALU KA CHEELA/falahari potato pancakes

 FALAHARI POTATO PANCAKES , aalu ka cheela

falahari potato pancakes, व्रत केआलू के चिले बच्चों और बड़ो सबको पसंद आता है। 

इसे बच्चों के टिफ़िन मे भी रख सकते है । 

व्रत के आलू के चिले बनाने की रेसिपी :

  • आलू ---- 2 
  • राजगीरे का आटा ---- 1/2 कप
  • दही ---- 2 बड़ा चम्मच 
  • लाल मिर्च पाउडर ---- 1 छोटा चम्मच 
  • सेंधा नमक ---- 1 छोटा चम्मच 
  • मूँगफली का तेल ----2 छोटे चम्मच  
  • हरा धनिया ---- 1/4 कप कटा हुआ

चीला बनाने के लिए सबसे पहले आलू को धोकर एक बाउल मे कद्दूकस कर लेंगे । 
फिर इसमे राजगीरे का आटा, दही, लाल मिर्च पाउडर, नमक, हरा धनिया डाल कर मिक्स कर लेंगे । 

पेन को गरम करने के बाद उसमे थोड़ा से तेल डाल कर आलू के मिश्रण को डाल कर थोड़ा फेला देंगे। 2-3 min के लिए पेन को  ढँक देंगे उसके बाद  चीले को पलट कर उसपर थोड़ा सा तेल डाल देंगे। जब दोनों और चीला हल्का ब्राउन हो जाए तो उसे प्लेट मे निकाल देंगे और गरमागरम चटनी या सॉस के साथ परोस देंगे । 



tag #falaharipotatopancakes , #आलूकाचीला

Thursday, 18 August 2022

METHI PAPAD KI SABJI

 METHI PAPAD KI SABJI

मेथीदाना हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। मेथीदाना को रात को पानी मे गलाकर  weightloss, pcos, diabetes  आदि मे खाने से फायदा मिलता है। 

आज मे आपसे मेथीदाना की सब्जी share कर रही हूँ जो खाने मे बहुत ही स्वाद लगती है और healthy भी होती है। इस तरह से बनाएँगे तो सब्जी कड़वी भी नहीं लगेगी। 

मेथी पापड़ की सब्जी की रेसिपी:

  • मेथीदाना ----- 50 ग्राम
  • सरसों का तेल ---- 2 बड़े चम्मच 
  • लहसुन ----6-8 कली बारीक कटी हुई
  • प्याज ---2  (slice मे कटे हुए)
  • पापड़ ----2
  • राई ---- 1/4 छोटी चम्मच
  • जीरा ---- 1/4 छोटी चम्मच
  • हिंग ---- एक pinch
  • लाल मिर्च पाउडर ---- 2 छोटे चम्मच 
  • हल्दी पाउडर ---- 1/2 छोटी चम्मच 
  • नमक ---- स्वादानुसार
  • धनिया पाउडर ---- 1 छोटी चम्मच
  • पानी 
  • धनिया सजाने के लिए

मेथी पापड़ की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले हम मेथीदाना को धोकर 1 कप पानी मे  4-5 घंटे  के लिए भिगो देंगे । 

अब हम एक कढ़ाई मे तेल गरम करेंगे।तेल गरम हो जाए तो उसमे राई, जीरा और हिंग डाल देंगे । उसके बाद लहसुन प्याज को डाल कर भून लेंगे । मेथीदाना को कड़ाई मे डाल कर उसमे सभी मसाले डाल कर भून लेंगे।

अब सब्जी मे थोड़ा पानी मिलकर  कड़ाई ढँक देंगे। बीच बीच मे सब्जी को हिलाते रहे 5 min के बाद सब्जी मे पापड़ को टुकड़ो मे काट कर डाल देंगे । 2 min और पकने देंगे फिर हमारी मेथीदाना की सब्जी बन तैयार है । इसे धनिया से सजाकर रोटी  या पराठा के साथ सर्व करे। 


tag #methi , #methikisabji

Wednesday, 17 August 2022

KIKORA KI SABJI

 KIKORA/KANTOLA KI SABJI

कीकोरा (Kikora) को कन्टोला (Kantola)  भी कहते हैं ।  इनकी सब्जी बहुत स्वादिष्ट बनती है।आज हम छोटे ककोरे की सब्जी बनायेंगे । 

कीकोरा की सब्जी  बनाने की रेसिपी:

  • कीकोरे ------ 250 ग्राम
  • लहसुन -------6-8 कली बारीक कटी हुई  
  • तेल ----- 2 टेबिल स्पून
  • हींग -------1 पिंच 
  • जीरा ------एक चौथाई छोटी चम्मच
  • राई ------ एक चौथाई छोटी चम्मच
  • हल्दी पाउडर ------ एक चौथाई छोटी चम्मच से कम
  • हरी मिर्च ------ 8-10 बारीक कटी हुई
  • धनियां पाउडर-------- 1 छोटी चम्मच
  • नमक ------ स्वादानुसार
  • धनिया सजाने के लिए 


सबसे पहले कीकोरों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर, छोटे छोटे टुकड़ो मे कट दीजिये । 

कढाई में तेल डाल कर गरम कीजिये, गरम तेल में हींग और राई - जीरा डालकर भूनिये, फिर उसमे लहसुन, हल्दी पाउडर, हरी मिर्च, धनियां पाउडर डालिये, मसाले को हल्का सा भूनिये और अब  कटे हुये कीकोरे डाल कर ऊपर से नमक डाल कर, तेज गैस पर ककोरों को 2 मिनिट तक भूनिये और  ढककर 5 मिनिट धीमी आग पर पकने दीजिये। 

ढक्कन खोलिये, कीकोरे को चैक कीजिये, 3 - 4 मिनिट और धीमी आग पर ढक कर कीकोरे को पकने दीजिये।  सब्जी को खोलिये कीकोरे नरम हो गये हैं, खुले कीकोरे तेज गैस पर 2 मिनिट तक पका लीजिये, बीच में चमचे से चलाते रहिये। सब्जी में हरा धनियां डाल कर मिला दीजिये। 

कीकोरे की कुरकुरी सब्जी तैयार है. सब्जी को कटोरे में निकालिये, और गरमा गरम परांठे या चपाती के साथ सर्व कीजिये । 


tag #kikoraki sabji

LITTLE MILLET UPMA

 LITTLE MILLET UPMA

आज हम मिलेट रेसिपी मे Little Millet का उपमा या खिचड़ी बनाएँगे । Little Millet, भगर,सामक , मोरैया नाम से भी जान जाता है। इसे हम व्रत मे भी खा सकते हे।

सामक का उपमा  बनाने की रेसिपी :

  • सामक /little millet ---- 50 gram
  • हरी मिर्च ----- 6 से 8
  • मूँगफली  ---- 2 बड़े चम्मच  सिकी हुई
  • आलू ---- 1 बारीक कटा हुआ
  • काली मिर्च ---- 6-8 कुटी हुई
  • सेंधा नमक ----- स्वाद अनुसार 
  • तेल ----- 2 बड़े चम्मच
  • कढ़ीपत्ता --- 5-6 
  • जीरा ---- आधा छोटा चम्मच 
  • पानी ---- 2 कटोरी 
  • धनिया सजाने के लिए 
   


सामक का उपमा बनाने के लिए सबसे पहले कड़ाई में तेल गरम करेंगे । फिर उसमे जीरा डालकर कढ़ीपत्ता और हरी मिर्च डालेंगे और बारीक कटे आलू डालकर मिक्स कर देंगे और 2 min के लिए ढँक देंगे ।

2 min के बाद जब आलू पक जाए तो उसमे सामक डाल कर 2 कटोरी पानी , काली मिर्च पाउडर और नमक डालकर मिक्स कर देंगे । उबाल आने के बाद कड़ाई को कम आंच पर ढँक कर रख देंगे और 4-5 min तक बीच बीच मे चलाते रहे । जब उप्मा बन जाए तो उसमे सिकी हुई मूँगफली डाल कर मिक्स कर दे । एक प्लेट मे सामक के उपमा को निकाल कर धनिया पत्ती से सजाकर सर्व करेंगे । 


tag #littlemilletupma

Tuesday, 16 August 2022

बाजरे की रोटी बनाने की आसान विधि

 MILLET RECIPES


BAJRE KI ROTI


मिलेट बहुत ही फायदेमंद अनाज है। मिलेट को आप विभिन्न प्रकार के रोग के उपचार हेतु भी इस्तमाल कर सकते। Millet में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते है। Millet Recipes फायदेमंद और स्वादिस्ट होता है। 

 बाजरे की रोटी की रेसिपी:

  • बाजरे का आटा 2 CUP
  • घी      
  • पानी   आटा गूथने के लिए 
  • नमक स्वाद अनुसार
  • गेहूं का आटा डस्टिंग के लिए





बाजरे की रोटी बनाने के लिए 

सबसे पहले एक बर्तन मे पानी को हल्का गरम करेंगे । एक बाउल मे बाजरे का आटा लेंगे फिर उसमे थोड़ा सा घी और स्वाद अनुसार नमक मिक्स करगे । फिर हल्के गरम पानी से आटा को गूथ लेंगे और थोड़ी देर  ढक कर रख देंगे ।

अब आटे की लोई बना कर चकले पर प्लास्टिक रख कर रोटी बेल देंगे और तवा को हल्का गरम करके  उस पर रोटी को सेक देंगे और रोटी पर घी लगा कर गरमागरम सर्व करेंगे ।



tag #milletrecipe, #bajrekiroti

PORTION CONTROL IN HINDI

PORTION CONTROL DIETING


STOP DIETING AND START HEALTHY LIFESTYLE.

सही मात्रा में लिया गया भोजन हमे

  • वजन घटाने मे मदद करता है।
  • बेहतर पाचन मे मदद करता है । 
  • ब्लड शुगर को नियंत्रित करने मे मदद करता है।
  • अनेक छोटी छोटी बीमारियों से बचाता है।
                               


       रोज के भोजन को हम इस तरह से बाटे:

  • CARBOHYDRATES ----- 6-8 PORTION
  • PROTIEN -----  2-3 PORTION
  • DAIRY ----- 3 PORTION
  • FRUIT ----- 2-3 PORTION
  • FAT ----- 2 PORTION
  • VEGITABLES/ SALAD ----- UNLIMITED
  • DRY FRUITS ---- 1 PORTION
प्लेट में भोजन का प्रकार 30-40-30 नियम के आधार पर तय करना चाहिए। यानी प्लेट में 30 फ़ीसदी कार्बोहाइड्रेट वाला खाना (बिना स्टार्चवाले, अधिक रेशेदार, कम ग्लाइसेमिक इन्डेक्स वाले कार्बोहाइड्रेट), 40 फ़ीसदी कम चर्बी वाले प्रोटीन पदार्थ और बाकी 30 प्रतिशत ज़रूरी वसायुक्त भोजन होना चाहिए। 


PORTION SIZE: 1portion


. एक baseball या औसत आकार की मुट्ठी fruits ------ लगभग 1 कप
         साबुत फल या 100% फलों के रस 100 ml
. एक प्लेट सलाद vegitables ------  कच्ची या पकी हुई सब्जियां
.एक tennis ball या छोटी, स्कूप्ड मुट्ठी carb -----लगभग ½ कप
          अनाज जैसे पास्ता, चावल और दलिया
.ताश का एक डेक या हाथ की हथेली protien ------ लगभग 3 औंस-समकक्ष
          मछली, चिकन, पनीर , सभी तरह की दाल
.अंगूठे का आकार dry fruits----- लगभग 1 बड़ा चम्मच
          बादाम,काजू , मूँगफली का मक्खन आदि
.एक डाक टिकट fat ---- लगभग 1 चम्मच
         तेल या अन्य वसा 
इस तरह दिन मे तीन बार टोटल portion को divide करके आप सही मात्र मे भोजन ले सकते है।